सुरती बच्चों ने बनाई विश्व की पहली ‘कोरोना ड्राइंग बुक’

Hindi एजुकेशन

सूरत : आज पूरे विश्व में हर जगह कोरोना पर चर्चा हो रही है । कोरोना वैश्विक समस्या हो गई है। कुछ लोग सोशल मीडिया पर डॉ. बनकर तरह तरह की सलाह दे रहे है । लोगो को गलत पोस्ट से डरा भी रहे है। लेकिन छोटे मोटे बच्चो ने वेरीफाय सूचनाओं के आधार पर क्या-क्या सावधानियां रखनी चाहिए उसकी ड्राइंग बनाई है। उसमे कलर भरकर गलत सही का फैसला कर सकते है।

ये अपनी तरह की विश्व की पहली पुस्तक है जो कोरोना पर आई है । इसे गिनीज बुक में भी दर्ज कराया जाएगा। साथ ही भारत सरकार द्वारा आयोजित कोरोना आईडिया 1 लाख अवार्ड में भी भेजा जाएगा। सोशल मीडिया के द्वारा देश के हर मोबाइल तक पीडीएफ पहुँचे ऐसा प्रयास किया जाएगा।

अंकिता, अन्वी माहेश्वरी, अंजलि राठी, भाविका माहेश्वरी, साराक्षी सोनी, आयुष, माधवने मिलकर इस पर कार्य किया। अभी हाल ही में स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए है । बच्चे घरों में है उन्हें भी कोरोना के बारे में जिज्ञासा है । इस ड्राईंग कांसेप्ट द्वारा वो आसानी है समझ पाएंगे। बुक में सरकारी हेल्पलाइन सहित विज्ञापन भी डाला गया है। शब्दो की जगह चित्र ज्यादा प्रभावी होते है इसलिए बिना कोई मूल्य सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध करवाई जा रही है ताकि कोई भी इसे उपयोग में ले सकेंगे। ड्रीम हाई प्री स्कूल ने इसे ड्राइंग सिलेबस में भी शामिल कर दिया है।

पूरे विश्व सब अपने अपनी संसाधनों के हिसाब से कोरोना से बचने का प्रयास कर रहे है। उसमें नन्हे मुन्नों ने अपना योगदान दिया है। कोरोना को आड़ में कुछ लोग जब जनता को लूट रहे है। कोई भी प्रोडक्ट कोरोना से समन्धित आसानी से बिक रहा है । ऐसे टाइम इस ड्राईंग बुक को पेरेंट्स के लिए बच्चें फ्री में उपलब्ध करा रहे है । साथ ही सरकार करोड़ों रुपए अवेरनेस पर ख़र्च कर रही है । ये अवेरनेस प्रामाणिक संदेश के साथ बड़ी मदद करेगी।

वैसे ये ड्राईंग बुक सभी के लिए उपयोगी है । लेकिन विशेषकर अभी छुट्टियों में बच्चे घरों में है उनके एमनुती पावर भी बालिग से कम होता है । वो कोई सावधानी भी नही रखते। उन्हें समझना भी मुश्किल काम है । इसलिए इस ड्राईंग बुक में कलर करके वो खुद गलत सही जान पायेंगे एवं सहपाठियों को बता पाएंगे समय का सदुपयोग भी कर सकेंगे।

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